'करुण रस' का स्थायी भाव क्या है?AशोकBरतिCउत्साहDजुगुप्सा Correct answer: A Explanationकरुण रस का स्थायी भाव शोक है; रति शृंगार का, उत्साह वीर का और जुगुप्सा वीभत्स रस का स्थायी भाव है। Join the discussion Report an error