0शांत रस का स्थायी भाव क्या है?Aउत्साहBविस्मयCरतिDनिर्वेद Correct answer: D Explanationशांत रस का स्थायी भाव 'निर्वेद' (वैराग्य) है; उत्साह वीर का, विस्मय अद्भुत का और रति शृंगार का स्थायी भाव है। Join the discussion Report an error Share