निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1929 की अमरीका की आर्थिक मंदी से वहाँ और दूसरे पूँजीवादी देशों में भी उत्पादन और विदेशी व्यापार में बहुत बड़ी गिरावट आयी। जनता की आर्थिक स्थिति खराब हो गई और बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी फैली। दूसरी ओर सोवियत संघ में गिरावट ही नहीं आई बल्कि 1929 और 1936 के बीच पहली दो पंचवर्षीय योजनाओं से सोवियत संघ का औद्योगिक उत्पादन चार गुना से भी अधिक हो गया। विश्वव्यापी मंदी के कारण पूँजीवादी प्रणाली बदनाम हो गई और लोगों का ध्यान मार्क्सवाद, समाजवाद और आर्थिक योजना के विचार की ओर गया। जनता खासकर युवक, मज़दूर और किसान समाजवादी विचारों की ओर खिंचने लगे। राष्ट्रीय आंदोलन के आरम्भिक दिनों से ही उनका झुकाव निर्धन जनता की ओर था। 1917 की रुसी क्रांति के प्रभाव से , राजनीतिक मंच पर गाँधीजी के उदय से, तथा दूसरे और तीसरे दशकों में शक्तिशाली वामपंथी गुटों के बनने से यह प्रवृत्ति और मज़बूत हुई। कांग्रेस ने कराची अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू के आग्रह पर एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में जनता को मूल नागरिक अधिकारों, जाति, पंथ, लिंग के भेद के बिना क़ानून के आगे सबकी समानता, सार्वभौमिक बालिग़ मताधिकार के आधार पर चुनाव तथा मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा की ज़मानत दी गई थी। लगान व मालगुज़ारी में काफी कमी, लाभहीन जोतों के लिए लगान माफी, खेतिहरों के क़र्ज़ों में तथा सूदखोरों के नियंत्रण से राहत, जीवनयापन योग्य-मज़दूरी समेत मज़दूरों के लिए बेहतर दशाओं, महिला मज़दूरों के लिए काम के सीमित घंटों और सुरक्षा, मज़दूरों तथा किसानों के लिए संगठित होने और यूनियन बनाने के अधिकार तथा प्रमुख उद्योगों, खदानों और यातायात के साधनों पर राज्य का स्वामित्व या नियंत्रण जैसे वादे भी इस प्रस्ताव में किए गए थे। 1934 में आचार्य नरेंद्र देव तथा जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में ‘कांग्रेस समाजवादी पार्टी’ की स्थापना हुई। 1939 में सुभाषचंद्र बोस ने ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ की स्थापना की।
कराची अधिवेशन में किसानों तथा मज़दूरों के लिए पारित किये गये प्रस्तावों के संबंध में असत्य है-
- Aलगान व मालगुज़ारी में काफी कमी करने का प्रस्ताव रखा गया।
- Bमज़दूरों के लिए न्यूनतम मज़दूरी सहित कार्य करने की बेहतर दशा और वातावरण प्रदान किये जाने का प्रस्ताव रखा गया।
- Cलाभहीन तथा बंजर जोतों के लिए भी समान लगान निर्धारित किये जाने का प्रस्ताव रखा गया।
- Dमज़दूरों तथा किसानों के संगठनों को उनके हित में कार्य करने की स्वतंत्रता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया।